बिहार बोर्ड — कक्षा 12 : गृह विज्ञान
अध्याय 13 : सामुदायिक विकास और कार्यक्रम
KK MAHTO — Founder & Educator, Apni Kaksha
📑 विषय-सूची (Contents)
- परिचय एवं मूल अवधारणाएँ
- समुदाय (Community) — परिभाषा एवं विशेषताएँ
- सामुदायिक विकास (Community Development) — परिभाषा एवं उद्देश्य
- सामुदायिक विकास के सिद्धांत
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम की आवश्यकता एवं महत्व
- भारत में सामुदायिक विकास का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952) एवं राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953)
- पंचायती राज एवं सामुदायिक भागीदारी
- ग्रामीण विकास कार्यक्रम
- शहरी सामुदायिक विकास कार्यक्रम
- महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम
- स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम
- शिक्षा एवं साक्षरता कार्यक्रम
- स्वच्छता एवं पर्यावरण कार्यक्रम
- सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण कार्यक्रम
- स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) की भूमिका
- सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की सफलताएँ एवं चुनौतियाँ
- सुधार के उपाय एवं सुझाव
- महत्वपूर्ण तथ्य एवं परिभाषाएँ
- महत्वपूर्ण प्रश्न (परीक्षा के लिए)
1. परिचय एवं मूल अवधारणाएँ
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समुदाय में रहता है। समुदाय का विकास ही राष्ट्र का विकास है। स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने ग्रामीण एवं शहरी समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक कार्यक्रम आरंभ किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाना, गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन सभी प्रयासों को सामुदायिक विकास के अंतर्गत रखा जाता है।
इस अध्याय में हम समुदाय, सामुदायिक विकास, इसके सिद्धांतों, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा विभिन्न सामुदायिक विकास कार्यक्रमों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
📖 परिभाषा — समुदाय (Community)
समुदाय से तात्पर्य उन लोगों के समूह से है जो एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहते हैं, जिनके साझा हित, संस्कृति, परंपराएँ एवं मूल्य होते हैं तथा जो आपस में सामाजिक संबंधों से जुड़े होते हैं।
📖 परिभाषा — सामुदायिक विकास (Community Development)
सामुदायिक विकास एक योजनाबद्ध प्रक्रिया है जिसमें समुदाय के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से उनके आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक विकास के लिए प्रयास किए जाते हैं। इसका उद्देश्य समुदाय के जीवन स्तर में सुधार करना है।
📌 इस अध्याय का केंद्रीय प्रश्न
समुदाय क्या है? सामुदायिक विकास क्या है? इसके सिद्धांत कौन-कौन से हैं? भारत में सामुदायिक विकास कार्यक्रम कब और कैसे शुरू हुए? ग्रामीण, शहरी, महिला, बाल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए कौन-कौन से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं? स्वयंसेवी संस्थाओं की क्या भूमिका है?
2. समुदाय (Community) — परिभाषा एवं विशेषताएँ
समुदाय की विशेषताएँ
- निश्चित भौगोलिक क्षेत्र — समुदाय एक विशेष क्षेत्र में बसता है।
- सामाजिक संबंध — सदस्यों में पारस्परिक संबंध होते हैं।
- साझा संस्कृति एवं मूल्य — साझा परंपराएँ, रीति-रिवाज एवं मान्यताएँ।
- समान हित — सदस्यों के साझा हित होते हैं।
- समूह भावना — “हम” की भावना का विकास।
- निरंतरता — समुदाय पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता है।
- स्वयंपूर्णता — समुदाय अपनी आवश्यकताएँ स्वयं पूरी करता है।
- गतिशीलता — समुदाय परिवर्तनशील होता है।
समुदाय के प्रकार
| प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| ग्रामीण समुदाय | गाँव में रहने वाले लोग | भारत के अधिकांश गाँव |
| शहरी समुदाय | शहरों में रहने वाले लोग | दिल्ली, मुंबई, पटना |
| जनजातीय समुदाय | जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग | संथाल, मुंडा, नागा |
| धार्मिक समुदाय | एक धर्म के अनुयायी | हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई |
| व्यावसायिक समुदाय | एक व्यवसाय से जुड़े लोग | किसान, मजदूर, व्यापारी |
3. सामुदायिक विकास (Community Development) — परिभाषा एवं उद्देश्य
📖 परिभाषा (संयुक्त राष्ट्र के अनुसार)
“सामुदायिक विकास वह प्रक्रिया है जिसमें समुदाय के सदस्यों के प्रयासों को सरकारी प्रयासों के साथ जोड़कर समुदाय की आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति में सुधार किया जाता है तथा समुदाय को राष्ट्रीय जीवन की मुख्यधारा में सम्मिलित किया जाता है।”
सामुदायिक विकास के उद्देश्य
- जीवन स्तर में सुधार — समुदाय के लोगों का जीवन स्तर ऊँचा उठाना।
- गरीबी उन्मूलन — गरीबी को दूर करना।
- रोजगार सृजन — रोजगार के अवसर पैदा करना।
- शिक्षा का प्रसार — साक्षरता बढ़ाना।
- स्वास्थ्य सेवाएँ — स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
- स्वच्छता — स्वच्छता एवं sanitation में सुधार।
- कृषि विकास — कृषि उत्पादन बढ़ाना।
- ग्रामीण उद्योग — कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा।
- सामाजिक न्याय — समानता एवं न्याय स्थापित करना।
- महिला सशक्तिकरण — महिलाओं को सशक्त बनाना।
- राष्ट्रीय एकता — एकता एवं अखंडता को बढ़ावा।
- लोकतांत्रिक भागीदारी — जनभागीदारी बढ़ाना।
4. सामुदायिक विकास के सिद्धांत
प्रमुख सिद्धांत
- जनभागीदारी — समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी।
- आवश्यकतानुसार योजना — स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजना।
- स्वयं सहायता — लोगों में स्वयं सहायता की भावना।
- लोकतांत्रिक प्रक्रिया — निर्णयों में लोकतांत्रिक तरीका।
- समन्वय — विभिन्न विभागों में समन्वय।
- निरंतरता — कार्यक्रमों की निरंतरता।
- विकेंद्रीकरण — शक्तियों का विकेंद्रीकरण।
- स्थानीय नेतृत्व — स्थानीय नेतृत्व का विकास।
- सर्वांगीण विकास — सभी पहलुओं का विकास।
- स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग — NGOs का सहयोग।
5. सामुदायिक विकास कार्यक्रम की आवश्यकता एवं महत्व
आवश्यकता
- स्वतंत्रता के बाद देश की 80% जनसंख्या गाँवों में रहती थी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी एवं स्वास्थ्य समस्याएँ।
- कृषि उत्पादन कम था।
- आधारभूत सुविधाओं का अभाव।
- सामाजिक कुरीतियाँ एवं असमानता।
- राष्ट्रीय विकास के लिए ग्रामीण विकास आवश्यक।
महत्व
- गरीबी उन्मूलन।
- रोजगार सृजन।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य में सुधार।
- कृषि एवं उद्योग का विकास।
- सामाजिक न्याय।
- महिला सशक्तिकरण।
- राष्ट्रीय एकता।
- लोकतंत्र को मजबूती।
6. भारत में सामुदायिक विकास का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
(क) स्वतंत्रता से पूर्व के प्रयास
- 1920 के दशक में ग्रामीण पुनर्निर्माण के प्रयास।
- महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज का आदर्श।
- रवींद्रनाथ टैगोर का शांतिनिकेतन प्रयोग।
- 1920 में ग्रामीण विकास के लिए “भारतीय ग्रामीण विकास संस्थान” की स्थापना।
- 1930 के दशक में ग्रामीण पुनर्निर्माण आंदोलन।
(ख) स्वतंत्रता के बाद के प्रयास
- 1947 में स्वतंत्रता के बाद ग्रामीण विकास को प्राथमिकता।
- 1948 में एटकिंसन आयोग का गठन।
- 1948 में राष्ट्रीय विस्तार सेवा की स्थापना।
- 1952 में सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत।
- 1953 में राष्ट्रीय विस्तार सेवा का विस्तार।
- 1957 में बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशें।
- 1959 में पंचायती राज की स्थापना।
7. सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952) एवं राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953)
📖 सामुदायिक विकास कार्यक्रम (Community Development Programme)
यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर 1952 को शुरू किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए लोगों की भागीदारी से योजनाएँ बनाना एवं लागू करना था। यह भारत का पहला व्यापक ग्रामीण विकास कार्यक्रम था।
सामुदायिक विकास कार्यक्रम के उद्देश्य
- कृषि उत्पादन में वृद्धि।
- सिंचाई सुविधाओं का विकास।
- ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ।
- संचार एवं परिवहन सुविधाएँ।
- स्वच्छता एवं sanitation।
- महिलाओं एवं बच्चों का विकास।
- सामुदायिक भागीदारी।
राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953)
- 1953 में सामुदायिक विकास कार्यक्रम का विस्तार करके राष्ट्रीय विस्तार सेवा शुरू की गई।
- इसका उद्देश्य गाँव-गाँव तक विकास कार्यक्रम पहुँचाना।
- ग्राम स्तर पर ग्राम सेवक एवं विस्तार अधिकारी की नियुक्ति।
- कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि विभागों का समन्वय।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य
सामुदायिक विकास कार्यक्रम 2 अक्टूबर 1952 को शुरू हुआ। इसे “भारत का पहला व्यापक ग्रामीण विकास कार्यक्रम” कहा जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना था।
8. पंचायती राज एवं सामुदायिक भागीदारी
📖 परिभाषा — पंचायती राज
पंचायती राज भारत में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था है, जिसमें ग्राम, मध्यवर्ती एवं जिला स्तर पर निर्वाचित निकाय होते हैं। इसे 73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा संवैधानिक दर्जा दिया गया।
पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था
| स्तर | निकाय | स्तर |
|---|---|---|
| ग्राम स्तर | ग्राम पंचायत | गाँव |
| खंड स्तर | पंचायत समिति | प्रखंड |
| जिला स्तर | जिला परिषद् | जिला |
पंचायती राज की भूमिका
- स्थानीय विकास योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन।
- ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना।
- सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन।
- सामाजिक न्याय एवं समानता।
- महिलाओं एवं कमजोर वर्गों का प्रतिनिधित्व।
- स्थानीय संसाधनों का प्रबंधन।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता आदि सेवाएँ।
- लोकतंत्र को मजबूती।
9. ग्रामीण विकास कार्यक्रम
प्रमुख ग्रामीण विकास कार्यक्रम
| कार्यक्रम | वर्ष | उद्देश्य |
|---|---|---|
| IRDP (समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम) | 1978-79 | गरीबी उन्मूलन, स्वरोज़गार |
| TRYSEM | 1979 | ग्रामीण युवाओं को स्वरोज़गार प्रशिक्षण |
| JRY (जवाहर रोजगार योजना) | 1989 | ग्रामीण रोजगार सृजन |
| EAS (रोजगार आश्वासन योजना) | 1993 | गरीबों को रोजगार |
| SGSY (स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोज़गार योजना) | 1999 | स्वयं सहायता समूहों को सहायता |
| NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) | 2011 | ग्रामीण गरीबों की आजीविका |
| MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) | 2005 | 100 दिन का रोजगार की गारंटी |
| PMGSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) | 2000 | गाँवों को सड़क से जोड़ना |
| IAY (इंदिरा आवास योजना) | 1985 | गरीबों को आवास |
| PMAY-G (प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण) | 2016 | सभी को पक्का आवास |
| PMGSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) | 2000 | ग्रामीण सड़क निर्माण |
MGNREGA (2005) की विशेषताएँ
- ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को 100 दिन का रोजगार।
- रोजगार की कानूनी गारंटी।
- महिलाओं को 1/3 रोजगार का प्रावधान।
- गाँव में ही रोजगार।
- काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता।
- सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था।
10. शहरी सामुदायिक विकास कार्यक्रम
प्रमुख शहरी विकास कार्यक्रम
| कार्यक्रम | वर्ष | उद्देश्य |
|---|---|---|
| JNNURM (जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन) | 2005 | शहरी अवसंरचना का विकास |
| AMRUT (अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) | 2015 | शहरी जल आपूर्ति, sanitation |
| Smart Cities Mission | 2015 | स्मार्ट सिटी का विकास |
| PMAY-U (प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी) | 2015 | शहरी गरीबों को आवास |
| Swachh Bharat Mission (Urban) | 2014 | शहरी स्वच्छता |
| DAY-NULM (दीन दयाल अंत्योदय योजना – शहरी आजीविका मिशन) | 2013 | शहरी गरीबों की आजीविका |
11. महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम
प्रमुख महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम
| कार्यक्रम | वर्ष | उद्देश्य |
|---|---|---|
| ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवा) | 1975 | बच्चों एवं महिलाओं का विकास |
| Kishori Shakti Yojana | 2000 | किशोरियों का सशक्तिकरण |
| SABLA (राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजना) | 2011 | किशोरियों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य |
| Beti Bachao Beti Padhao | 2015 | बालिकाओं की सुरक्षा एवं शिक्षा |
| Ujjwala Yojana | 2016 | महिलाओं को स्वच्छ ईंधन |
| PMMVY (प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना) | 2017 | गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता |
| Poshan Abhiyaan | 2018 | कुपोषण उन्मूलन |
12. स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम
प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रम
- National Health Mission (NHM) — 2005, ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य सेवाएँ।
- NRHM (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) — 2005, ग्रामीण स्वास्थ्य।
- NUHM (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) — 2013, शहरी स्वास्थ्य।
- Pulse Polio Programme — पोलियो उन्मूलन।
- Mission Indradhanush — 2014, पूर्ण टीकाकरण।
- Ayushman Bharat — 2018, स्वास्थ्य बीमा।
- Janani Suraksha Yojana — 2005, संस्थागत प्रसव।
13. शिक्षा एवं साक्षरता कार्यक्रम
प्रमुख शिक्षा कार्यक्रम
- Sarva Shiksha Abhiyan (SSA) — 2001, सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा।
- Mid-Day Meal Scheme — 1995, स्कूली बच्चों को भोजन।
- RTE Act — 2009, 6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त शिक्षा।
- RMSA (राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान) — 2009, माध्यमिक शिक्षा।
- Samagra Shiksha — 2018, समग्र शिक्षा।
- Saakshar Bharat — 2009, वयस्क साक्षरता।
14. स्वच्छता एवं पर्यावरण कार्यक्रम
प्रमुख स्वच्छता एवं पर्यावरण कार्यक्रम
- Swachh Bharat Mission (Gramin) — 2014, ग्रामीण स्वच्छता।
- Swachh Bharat Mission (Urban) — 2014, शहरी स्वच्छता।
- Namami Gange — 2014, गंगा नदी की सफाई।
- National Green Mission — पर्यावरण संरक्षण।
- Jal Jeevan Mission — 2019, हर घर नल जल।
15. सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण कार्यक्रम
प्रमुख सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम
- National Social Assistance Programme (NSAP) — 1995, बीपीएल परिवारों को सहायता।
- Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme — वृद्धजनों को पेंशन।
- Indira Gandhi National Widow Pension Scheme — विधवाओं को पेंशन।
- Indira Gandhi National Disability Pension Scheme — दिव्यांगों को पेंशन।
- Atal Pension Yojana — 2015, असंगठित क्षेत्र के लिए पेंशन।
- PM Jeevan Jyoti Bima Yojana — 2015, जीवन बीमा।
- PM Suraksha Bima Yojana — 2015, दुर्घटना बीमा।
16. स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) की भूमिका
📖 परिभाषा — स्वयंसेवी संस्था (NGO)
स्वयंसेवी संस्था वह संगठन है जो सरकार से स्वतंत्र होकर सामाजिक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण आदि क्षेत्रों में कार्य करता है।
NGO की भूमिका
- सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन।
- जनजागरूकता फैलाना।
- सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ।
- महिलाओं एवं बच्चों के लिए कार्य।
- पर्यावरण संरक्षण।
- आपदा प्रबंधन।
- शोध एवं अध्ययन।
- वकालत एवं अधिकारों की रक्षा।
- नवाचार एवं प्रयोग।
भारत में प्रमुख स्वयंसेवी संस्थाएँ
- स्माइल फाउंडेशन — बाल शिक्षा।
- प्रथम — शिक्षा।
- अक्षय पात्र — मध्याह्न भोजन।
- हेल्पएज इंडिया — वृद्धजन।
- CRY — बाल अधिकार।
- गूंज — बाल शिक्षा।
- चाइल्डलाइन — बच्चों की सहायता।
- Goonj — आपदा राहत।
17. सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की सफलताएँ एवं चुनौतियाँ
सफलताएँ
- गरीबी में कमी।
- साक्षरता दर में वृद्धि।
- शिशु मृत्यु दर में कमी।
- जीवन प्रत्याशा में वृद्धि।
- कृषि उत्पादन में वृद्धि।
- ग्रामीण सड़कों का विकास।
- रोजगार के अवसर।
- महिलाओं का सशक्तिकरण।
- स्वच्छता में सुधार।
- आवास सुविधा।
चुनौतियाँ
- भ्रष्टाचार।
- असमानता।
- जनभागीदारी की कमी।
- संसाधनों की कमी।
- नौकरशाही एवं लालफीताशाही।
- जागरूकता की कमी।
- राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी।
- सामाजिक रूढ़ियाँ।
- क्षेत्रीय असंतुलन।
- निगरानी एवं मूल्यांकन की कमी।
18. सुधार के उपाय एवं सुझाव
सुधार के उपाय
- भ्रष्टाचार पर रोक।
- जनभागीदारी बढ़ाना।
- स्थानीय नेतृत्व का विकास।
- संसाधनों का कुशल उपयोग।
- निगरानी एवं मूल्यांकन।
- जागरूकता अभियान।
- तकनीक का उपयोग।
- स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग।
- महिलाओं की भागीदारी।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर ध्यान।
19. महत्वपूर्ण तथ्य एवं परिभाषाएँ
एक पंक्ति में परिभाषाएँ
- समुदाय — एक भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों का समूह।
- सामुदायिक विकास — समुदाय के सर्वांगीण विकास की योजनाबद्ध प्रक्रिया।
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम — 1952 में शुरू किया गया।
- राष्ट्रीय विस्तार सेवा — 1953 में शुरू।
- पंचायती राज — स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था।
- MGNREGA — 2005, 100 दिन रोजगार गारंटी।
- ICDS — 1975, बाल एवं महिला विकास।
- NGO — स्वयंसेवी संस्था।
- Swachh Bharat Mission — 2014, स्वच्छता अभियान।
- Beti Bachao Beti Padhao — 2015, बालिका सुरक्षा एवं शिक्षा।
⭐ अति महत्वपूर्ण तथ्य (याद रखें)
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम — 2 अक्टूबर 1952
- राष्ट्रीय विस्तार सेवा — 1953
- पंचायती राज — 1959
- 73वाँ संविधान संशोधन — 1992
- MGNREGA — 2005
- ICDS — 1975
- Swachh Bharat Mission — 2014
- Beti Bachao Beti Padhao — 2015
- आयुष्मान भारत — 2018
- जन धन योजना — 2014
20. महत्वपूर्ण प्रश्न (परीक्षा के लिए)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक)
- समुदाय क्या है? (एक भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों का समूह)
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम कब शुरू हुआ? (2 अक्टूबर 1952)
- राष्ट्रीय विस्तार सेवा कब शुरू हुई? (1953)
- पंचायती राज कब शुरू हुआ? (1959)
- 73वाँ संविधान संशोधन कब हुआ? (1992)
- MGNREGA कब लागू हुआ? (2005)
- ICDS कब शुरू हुआ? (1975)
- स्वच्छ भारत मिशन कब शुरू हुआ? (2014)
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कब शुरू हुआ? (2015)
- NGO का पूरा नाम क्या है? (Non-Governmental Organisation)
लघु उत्तरीय प्रश्न (2–3 अंक)
- समुदाय की विशेषताएँ बताइए।
- सामुदायिक विकास की परिभाषा दें।
- सामुदायिक विकास के उद्देश्य बताइए।
- सामुदायिक विकास के सिद्धांत बताइए।
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम की आवश्यकता क्यों थी?
- राष्ट्रीय विस्तार सेवा के कार्य बताइए।
- पंचायती राज की भूमिका स्पष्ट करें।
- MGNREGA की विशेषताएँ बताइए।
- ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के नाम बताइए।
- शहरी विकास कार्यक्रमों के नाम बताइए।
- महिला एवं बाल विकास कार्यक्रमों के नाम बताइए।
- स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों के नाम बताइए।
- शिक्षा कार्यक्रमों के नाम बताइए।
- स्वच्छता कार्यक्रमों के नाम बताइए।
- सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के नाम बताइए।
- NGO की भूमिका स्पष्ट करें।
- सामुदायिक विकास की चुनौतियाँ बताइए।
- सुधार के उपाय बताइए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
- समुदाय एवं सामुदायिक विकास की अवधारणा को स्पष्ट करें।
- सामुदायिक विकास के उद्देश्यों एवं सिद्धांतों की विवेचना करें।
- भारत में सामुदायिक विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का वर्णन करें।
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952) एवं राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953) की व्याख्या करें।
- पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था एवं भूमिका की विवेचना करें।
- MGNREGA की विशेषताओं एवं महत्व की व्याख्या करें।
- ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की विवेचना करें।
- शहरी सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की व्याख्या करें।
- महिला एवं बाल विकास कार्यक्रमों की विवेचना करें।
- स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वच्छता कार्यक्रमों की व्याख्या करें।
- सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की विवेचना करें।
- स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका एवं महत्व स्पष्ट करें।
- सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की सफलताओं एवं चुनौतियों की व्याख्या करें।
दीर्घ निबंधात्मक प्रश्न (8–10 अंक)
- “सामुदायिक विकास राष्ट्रीय विकास की नींव है” — इस कथन की विवेचना करें।
- सामुदायिक विकास की अवधारणा, उद्देश्य, सिद्धांत एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की विस्तृत विवेचना करें।
- भारत में चलाए जा रहे प्रमुख सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की तुलनात्मक विवेचना करें।
- पंचायती राज, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं जनभागीदारी की सामुदायिक विकास में भूमिका की व्याख्या करें।
- “सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर है” — इस कथन की समीक्षा करें।
⭐ परीक्षा टिप्स
- सामुदायिक विकास की परिभाषा, उद्देश्य एवं सिद्धांत अच्छी तरह याद करें।
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952) एवं राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953) की तिथियाँ याद करें।
- MGNREGA, ICDS, Swachh Bharat Mission, Beti Bachao Beti Padhao आदि कार्यक्रमों के नाम, वर्ष एवं उद्देश्य याद करें।
- पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था को सारणी बनाकर लिखें।
- स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका एवं उदाहरण अवश्य लिखें।
- तुलनात्मक प्रश्नों में सारणी बनाकर उत्तर लिखें — अंक अधिक मिलते हैं।
- उत्तर में तथ्य एवं उदाहरण अवश्य लिखें।
