BSEB Class 12 Hindi Grammar – Complete Study Material | APNI KAKSHA

संधि

Sandhi — स्वर, व्यंजन एवं विसर्ग संधि

📖 परिभाषा

दो वर्णों या शब्दों के मेल से होने वाले विकार (परिवर्तन) को संधि कहते हैं। जब दो शब्द पास-पास आते हैं, तो उनके अंत और आदि के वर्ण मिलकर एक नया रूप बनाते हैं।

उदाहरण: विद्या + आलय = विद्यालय

📏 संधि के प्रकार

  • स्वर संधि: दो स्वरों के मेल से होने वाली संधि। (जैसे: विद्या + आलय = विद्यालय)
  • व्यंजन संधि: व्यंजन और स्वर या व्यंजन के मेल से होने वाली संधि। (जैसे: सत् + जन = सज्जन)
  • विसर्ग संधि: विसर्ग (:) और स्वर/व्यंजन के मेल से होने वाली संधि। (जैसे: निः + चय = निश्चय)

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

प्रकारनियमउदाहरण
दीर्घ संधिअ/आ + अ/आ = आविद्या + आलय = विद्यालय
गुण संधिअ/आ + इ/ई = एनर + इंद्र = नरेंद्र
वृद्धि संधिअ/आ + ए/ऐ = ऐमत + ऐक्य = मतैक्य
यण संधिइ/ई + विजातीय = य्इति + आदि = इत्यादि
अयादि संधिए + अ = अय्ने + अन = नयन

💡 पहचानने की विधि

Trick 1: शब्द को तोड़कर देखें — जहाँ दो शब्द मिलते हैं, वहीं संधि है।

Trick 2: स्वर के बाद स्वर आए तो स्वर संधि, व्यंजन के बाद व्यंजन/स्वर आए तो व्यंजन संधि।

🗓️ BSEB PYQ — 2024

प्रश्न: ‘विद्यालय’ का संधि-विच्छेद क्या है?

उत्तर: विद्या + आलय (दीर्घ संधि)

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. निम्नलिखित का संधि-विच्छेद कीजिए: सूर्योदय, हिमालय, सज्जन, निश्चय
  2. ‘महेश’ में कौन-सी संधि है?
  3. ‘देवेंद्र’ का संधि-विच्छेद कीजिए।
उत्तर: 1. सूर्य + उदय, हिम + आलय, सत् + जन, निः + चय | 2. गुण संधि | 3. देव + इंद्र

⭐ VVI POINTS

  • दीर्घ संधि में समान स्वर मिलते हैं।
  • गुण संधि में अ/आ + इ/ई = ए होता है।
  • वृद्धि संधि में अ/आ + ए/ऐ = ऐ होता है।
  • यण संधि में इ/ई = य्, उ/ऊ = व्, ऋ = र् होता है।

समास

Samas — शब्दों के मेल से नए शब्द का निर्माण

📖 परिभाषा

दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से एक नए शब्द का निर्माण होना समास कहलाता है। इसमें शब्दों के बीच के कारक चिह्नों का लोप हो जाता है।

उदाहरण: राज + पुत्र = राजपुत्र (राजा का पुत्र)

📏 समास के प्रकार

  • तत्पुरुष समास: उत्तर पद प्रधान होता है। (जैसे: राजपुत्र)
  • कर्मधारय समास: विशेषण-विशेष्य का संबंध। (जैसे: नीलकमल)
  • द्विगु समास: पहला पद संख्यावाची। (जैसे: त्रिलोक)
  • द्वंद्व समास: दोनों पद प्रधान। (जैसे: माता-पिता)
  • बहुव्रीहि समास: दोनों पद मिलकर तीसरे अर्थ की ओर संकेत करते हैं। (जैसे: दशानन)
  • अव्ययीभाव समास: पहला पद अव्यय। (जैसे: प्रतिदिन)

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र (तत्पुरुष)
  • नीलकमल = नीला है जो कमल (कर्मधारय)
  • त्रिलोक = तीन लोकों का समूह (द्विगु)
  • माता-पिता = माता और पिता (द्वंद्व)
  • दशानन = दस हैं आनन जिसके, अर्थात् रावण (बहुव्रीहि)
  • प्रतिदिन = प्रत्येक दिन (अव्ययीभाव)

💡 पहचानने की विधि

Trick 1: समास-विग्रह करके देखें — जो पद प्रधान हो, वह समास का प्रकार बताता है।

Trick 2: संख्यावाची शब्द पहले हो तो द्विगु समास।

Trick 3: दोनों पद समान महत्व के हों तो द्वंद्व समास।

🗓️ BSEB PYQ — 2023

प्रश्न: ‘नीलकमल’ में कौन-सा समास है?

उत्तर: कर्मधारय समास (नीला है जो कमल)

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘राजपुत्र’ का समास-विग्रह कीजिए और समास का नाम बताइए।
  2. ‘दशानन’ में कौन-सा समास है?
  3. ‘माता-पिता’ का समास-विग्रह कीजिए।
उत्तर: 1. राजा का पुत्र — तत्पुरुष | 2. बहुव्रीहि | 3. माता और पिता — द्वंद्व

⭐ VVI POINTS

  • तत्पुरुष में उत्तर पद प्रधान होता है।
  • कर्मधारय में विशेषण-विशेष्य संबंध होता है।
  • द्विगु में पहला पद संख्यावाची होता है।
  • द्वंद्व में दोनों पद प्रधान होते हैं।

उपसर्ग

Upsarg — शब्द के आरंभ में लगने वाले शब्दांश

📖 परिभाषा

जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।

उदाहरण: प्र + गति = प्रगति

📏 प्रमुख उपसर्ग

  • अ/अन: अज्ञान, अनपढ़
  • अध: अधपका, अधमरा
  • अनु: अनुकरण, अनुसार
  • अप: अपमान, अपकार
  • अभि: अभिमान, अभियान
  • आ: आजीवन, आकाश
  • उप: उपकार, उपवन
  • दुर्/दुस्: दुर्गम, दुर्दशा
  • नि: निवास, निराशा
  • निर्: निर्दोष, निर्भय
  • प्र: प्रगति, प्रहार
  • वि: विदेश, विशेष
  • सम्: संगम, संसार
  • सु: सुगम, सुंदर

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • अ + ज्ञान = अज्ञान
  • अनु + करण = अनुकरण
  • अप + मान = अपमान
  • उप + कार = उपकार
  • निर् + दोष = निर्दोष
  • प्र + गति = प्रगति
  • सम् + गम = संगम
  • सु + गम = सुगम

💡 पहचानने की विधि

Trick: शब्द के आगे लगे शब्दांश को पहचानें। उपसर्ग का स्वतंत्र अर्थ नहीं होता।

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘प्रगति’ शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?

उत्तर: प्र

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘अनुशासन’ में कौन-सा उपसर्ग है?
  2. ‘निर्दोष’ में उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए।
  3. ‘सुगम’ शब्द में उपसर्ग बताइए।
उत्तर: 1. अनु | 2. निर् + दोष | 3. सु

⭐ VVI POINTS

  • उपसर्ग शब्द के आरंभ में लगते हैं।
  • उपसर्ग का स्वतंत्र अर्थ नहीं होता।
  • उपसर्ग शब्द के अर्थ को बदल देते हैं।
  • उपसर्ग और मूल शब्द को अलग करना ‘उपसर्ग-विच्छेद’ कहलाता है।

प्रत्यय

Pratyay — शब्द के अंत में लगने वाले शब्दांश

📖 परिभाषा

जो शब्दांश किसी शब्द के अंत में लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।

उदाहरण: खेल + ना = खेलना

📏 प्रत्यय के प्रकार

  • कृत प्रत्यय: क्रिया के अंत में लगते हैं। (जैसे: खेलना, पढ़ाई)
  • तद्धित प्रत्यय: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण के अंत में लगते हैं। (जैसे: लड़कपन, बुढ़ापा)

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • खेल + ना = खेलना (कृत)
  • पढ़ + आई = पढ़ाई (कृत)
  • लड़क + पन = लड़कपन (तद्धित)
  • बूढ़ + आपा = बुढ़ापा (तद्धित)
  • देव + आनी = देवरानी (तद्धित)
  • मीठ + आस = मिठास (तद्धित)
  • लिख + आवट = लिखावट (कृत)
  • समझ + दार = समझदार (तद्धित)

💡 पहचानने की विधि

Trick 1: शब्द के अंत में लगे शब्दांश को देखें।

Trick 2: क्रिया से बने शब्दों में कृत प्रत्यय होता है।

Trick 3: संज्ञा/विशेषण से बने शब्दों में तद्धित प्रत्यय होता है।

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘देवरानी’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?

उत्तर: आनी (तद्धित प्रत्यय)

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘मिठास’ में प्रत्यय और मूल शब्द अलग कीजिए।
  2. ‘पढ़ाई’ में कौन-सा प्रत्यय है?
  3. ‘हिंदी’ शब्द में प्रत्यय बताइए।
उत्तर: 1. मीठ + आस | 2. आई (कृत) | 3. ई (तद्धित)

⭐ VVI POINTS

  • प्रत्यय शब्द के अंत में लगते हैं।
  • कृत प्रत्यय क्रिया से बनते हैं।
  • तद्धित प्रत्यय संज्ञा/विशेषण से बनते हैं।
  • प्रत्यय शब्द के अर्थ को बदल देते हैं।

पर्यायवाची शब्द

Paryayvachi — समान अर्थ वाले शब्द

📖 परिभाषा

जो शब्द समान अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें पर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहते हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

शब्दपर्यायवाची
पृथ्वीधरती, भूमि, वसुधा, धरा
आकाशगगन, नभ, अंबर, व्योम
सूर्यरवि, भानु, दिनकर, प्रभाकर
चंद्रमाशशि, राकेश, निशाकर, चाँद
नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी
पर्वतगिरि, शैल, अद्रि, नग
समुद्रसागर, जलधि, उदधि, अर्णव
पुष्पफूल, सुमन, कुसुम, प्रसून
वृक्षपेड़, तरु, वनस्पति, पादप
घरगृह, निकेतन, आवास, सदन

🗓️ BSEB PYQ — 2023

प्रश्न: ‘सरस्वती’ का पर्यायवाची शब्द क्या है?

उत्तर: वागीशा, शारदा, वीणापाणि

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘पृथ्वी’ के चार पर्यायवाची लिखिए।
  2. ‘सूर्य’ का पर्यायवाची बताइए।
  3. ‘नदी’ के तीन पर्यायवाची लिखिए।
उत्तर: 1. धरती, भूमि, वसुधा, धरा | 2. रवि, भानु, दिनकर | 3. सरिता, तटिनी, तरंगिणी

⭐ VVI POINTS

  • पर्यायवाची शब्द समान अर्थ वाले होते हैं।
  • भाषा को सुंदर बनाने के लिए इनका प्रयोग होता है।
  • सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी, आकाश के पर्यायवाची अवश्य याद करें।

विलोम शब्द

Vilom — विपरीत अर्थ वाले शब्द

📖 परिभाषा

जो शब्द किसी दूसरे शब्द का विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें विलोम या विपरीतार्थक शब्द कहते हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

शब्दविलोम
अच्छाबुरा
अंधकारप्रकाश
आदिअंत
जीवनमरण
सत्यअसत्य
सुखदुःख
हारजीत
मित्रशत्रु
लाभहानि
आदरअनादर

🗓️ BSEB PYQ — 2024

प्रश्न: ‘उचित’ का विलोम शब्द क्या है?

उत्तर: अनुचित

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘सुख’ का विलोम शब्द लिखिए।
  2. ‘जीवन’ का विलोम बताइए।
  3. ‘आदर’ का विलोम शब्द क्या है?
उत्तर: 1. दुःख | 2. मरण | 3. अनादर

⭐ VVI POINTS

  • विलोम शब्द विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं।
  • ‘अ’, ‘अन’, ‘दुर्’, ‘नि’ उपसर्ग लगाकर भी विलोम बनते हैं।
  • सुख-दुःख, जीवन-मरण, हार-जीत के विलोम अवश्य याद करें।

अनेकार्थक शब्द

Anekarthi — एक शब्द, अनेक अर्थ

📖 परिभाषा

जो शब्द संदर्भ के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें अनेकार्थक शब्द कहते हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

शब्दअर्थ
कनकसोना
धतूरा
पुष्प
हरिविष्णु
बंदर
सिंह
कमलपुष्प
जल
हाथी

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘कनक’ शब्द के दो अर्थ लिखिए।

उत्तर: सोना, धतूरा

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘हरि’ शब्द के दो अर्थ लिखिए।
  2. ‘कमल’ शब्द के दो अर्थ बताइए।
  3. ‘गो’ शब्द के दो अर्थ लिखिए।
उत्तर: 1. विष्णु, बंदर | 2. पुष्प, जल | 3. गाय, पृथ्वी

⭐ VVI POINTS

  • अनेकार्थक शब्दों का अर्थ संदर्भ से तय होता है।
  • कनक, हरि, कमल, गो के अर्थ अवश्य याद करें।

श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द

Shrutisam Bhinnarthak — समान उच्चारण, भिन्न अर्थ

📖 परिभाषा

जो शब्द सुनने में समान लगते हैं, परंतु उनके अर्थ भिन्न होते हैं, उन्हें श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द कहते हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

शब्द 1अर्थशब्द 2अर्थ
अनिलहवाअनलआग
अवलंबसहाराअविलंबबिना देर
कंगालनिर्धनकंकालठठरी
चतुरचालाकचतुर्थचौथा
भवनघरभुवनसंसार

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘अनिल’ और ‘अनल’ के अर्थ बताइए।

उत्तर: अनिल = हवा, अनल = आग

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘चतुर’ और ‘चतुर्थ’ के अर्थ अलग-अलग लिखिए।
  2. ‘भवन’ और ‘भुवन’ का अर्थ बताइए।
  3. ‘कंगाल’ और ‘कंकाल’ में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 1. चतुर = चालाक, चतुर्थ = चौथा | 2. भवन = घर, भुवन = संसार | 3. कंगाल = निर्धन, कंकाल = ठठरी

⭐ VVI POINTS

  • श्रुतिसम शब्द सुनने में समान, अर्थ में भिन्न होते हैं।
  • एक वर्ण का अंतर अर्थ बदल देता है।

तत्सम–तद्भव

Tatsam–Tadbhav — संस्कृत से हिंदी तक की यात्रा

📖 परिभाषा

तत्सम: संस्कृत के वे शब्द जो हिंदी में बिना परिवर्तन के प्रयुक्त होते हैं।

तद्भव: संस्कृत के वे शब्द जो हिंदी में परिवर्तित रूप में प्रयुक्त होते हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

तत्समतद्भव
अग्निआग
हस्तहाथ
कर्णकान
दुग्धदूध
पुष्पफूल
वृक्षपेड़
रात्रिरात
सर्पसाँप

🗓️ BSEB PYQ — 2023

प्रश्न: ‘दूध’ का तत्सम रूप क्या है?

उत्तर: दुग्ध

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘आग’ का तत्सम रूप लिखिए।
  2. ‘पुष्प’ का तद्भव रूप बताइए।
  3. ‘हाथ’ का तत्सम रूप क्या है?
उत्तर: 1. अग्नि | 2. फूल | 3. हस्त

⭐ VVI POINTS

  • तत्सम शब्द संस्कृत के मूल रूप में होते हैं।
  • तद्भव शब्द संस्कृत से विकसित होते हैं।
  • अग्नि-आग, हस्त-हाथ, दुग्ध-दूध अवश्य याद करें।

देशज एवं विदेशी शब्द

Deshaj & Videshi — स्थानीय और विदेशी शब्द

📖 परिभाषा

देशज शब्द: वे शब्द जो हिंदी में स्थानीय भाषाओं से आए हैं।

विदेशी शब्द: वे शब्द जो हिंदी में विदेशी भाषाओं से आए हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

देशज शब्द: खिचड़ी, छोटा, पेड़, बरसात, झुग्गी, ठेला, चूड़ी, मिट्टी, पानी

विदेशी शब्द:

  • अरबी: किताब, अखबार, दुनिया
  • फारसी: दरबार, बादशाह, चश्मा
  • अंग्रेजी: स्कूल, कॉलेज, टेबल, पेन
  • तुर्की: बहादुर, तोप, चाकू
  • पुर्तगाली: अनानास, आलू, तंबाकू

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘किताब’ शब्द किस भाषा से आया है?

उत्तर: अरबी

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘स्कूल’ शब्द विदेशी है या देशज?
  2. ‘खिचड़ी’ शब्द किस प्रकार का है?
  3. ‘दरबार’ शब्द किस भाषा से आया है?
उत्तर: 1. विदेशी (अंग्रेजी) | 2. देशज | 3. फारसी

⭐ VVI POINTS

  • देशज शब्द स्थानीय भाषाओं से आए हैं।
  • विदेशी शब्द अरबी, फारसी, अंग्रेजी आदि से आए हैं।

शब्द-शुद्धि

Shabd Shuddhi — अशुद्ध शब्दों का शुद्ध रूप

📖 परिभाषा

वर्तनी, लिंग, वचन, कारक आदि के अनुसार शब्दों को शुद्ध रूप में लिखना शब्द-शुद्धि कहलाता है।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

अशुद्धशुद्ध
अनुगृहितअनुगृहीत
आर्शीवादआशीर्वाद
इतिहासिकऐतिहासिक
कवियित्रीकवयित्री
हिन्दीहिंदी

🗓️ BSEB PYQ — 2024

प्रश्न: ‘आर्शीवाद’ का शुद्ध रूप क्या है?

उत्तर: आशीर्वाद

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘अनुगृहित’ का शुद्ध रूप लिखिए।
  2. ‘इतिहासिक’ का शुद्ध रूप बताइए।
  3. ‘हिन्दी’ का शुद्ध रूप लिखिए।
उत्तर: 1. अनुगृहीत | 2. ऐतिहासिक | 3. हिंदी

⭐ VVI POINTS

  • वर्तनी, लिंग, वचन, कारक के अनुसार शब्द शुद्ध करें।
  • आशीर्वाद, ऐतिहासिक, अनुगृहीत अवश्य याद करें।

वाक्य-शुद्धि

Vakya Shuddhi — अशुद्ध वाक्यों का शुद्धिकरण

📖 परिभाषा

व्याकरण के नियमों के अनुसार वाक्यों को शुद्ध करना वाक्य-शुद्धि कहलाता है।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
तुम पढ़ता है।तुम पढ़ते हो।
हम लोग खेल रहा है।हम लोग खेल रहे हैं।
उसने पुस्तक पढ़ा।उसने पुस्तक पढ़ी।
वह स्कूल जाता है।वह स्कूल जाता है। (शुद्ध)

🗓️ BSEB PYQ — 2023

प्रश्न: ‘तुम पढ़ता है’ का शुद्ध वाक्य क्या है?

उत्तर: तुम पढ़ते हो

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘हम लोग खेल रहा है’ का शुद्ध वाक्य लिखिए।
  2. ‘उसने पुस्तक पढ़ा’ का शुद्ध रूप बताइए।
  3. ‘वह स्कूल जाता है’ शुद्ध है या अशुद्ध?
उत्तर: 1. हम लोग खेल रहे हैं | 2. उसने पुस्तक पढ़ी | 3. शुद्ध

⭐ VVI POINTS

  • लिंग, वचन, कारक, काल का मिलान करें।
  • कर्ता के अनुसार क्रिया का रूप निर्धारित करें।

वर्तनी-शुद्धि

Vartani Shuddhi — शब्दों की शुद्ध वर्तनी

📖 परिभाषा

शब्दों को सही वर्णों के साथ लिखना वर्तनी-शुद्धि कहलाता है।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

अशुद्ध वर्तनीशुद्ध वर्तनी
आर्शीवादआशीर्वाद
इतिहासिकऐतिहासिक
कवियित्रीकवयित्री
हिन्दीहिंदी

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘हिन्दी’ का शुद्ध रूप क्या है?

उत्तर: हिंदी

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘कवियित्री’ का शुद्ध रूप लिखिए।
  2. ‘दूरदर्शी’ का शुद्ध रूप बताइए।
  3. ‘श्रीमती’ का शुद्ध रूप लिखिए।
उत्तर: 1. कवयित्री | 2. दूरदर्शी | 3. श्रीमती

⭐ VVI POINTS

  • ह्रस्व-दीर्घ, श-ष-स, ब-व का ध्यान रखें।
  • शब्दकोश का प्रयोग करें।

मुहावरे

Muhavare — विशेष अर्थ प्रकट करने वाले वाक्यांश

📖 परिभाषा

जो वाक्यांश अपने शब्दों के सामान्य अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें मुहावरे कहते हैं।

उदाहरण: आँखों में धूल झोंकना = धोखा देना

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

मुहावराअर्थ
अक्ल का दुश्मनमूर्ख
आँख का ताराबहुत प्यारा
गर्दन पर सवार होनापीछा न छोड़ना
नौ दो ग्यारह होनाडर कर भाग जाना
चार चाँद लगानाशोभा बढ़ाना
दाँत खट्टे करनाहरा देना
लोहे के चने चबानाकठिन कार्य करना
हाथ मलनापछताना

🗓️ BSEB PYQ — 2024

प्रश्न: ‘गर्दन पर सवार होना’ मुहावरे का अर्थ क्या है?

उत्तर: पीछा न छोड़ना

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘नौ दो ग्यारह होना’ मुहावरे का अर्थ बताइए।
  2. ‘आँख का तारा’ मुहावरे का अर्थ लिखिए।
  3. ‘दाँत खट्टे करना’ मुहावरे का अर्थ क्या है?
उत्तर: 1. डर कर भाग जाना | 2. बहुत प्यारा | 3. हरा देना

⭐ VVI POINTS

  • मुहावरे विशेष अर्थ प्रकट करते हैं।
  • मुहावरों का प्रयोग वाक्य में होता है।
  • आँख का तारा, नौ दो ग्यारह, गर्दन पर सवार अवश्य याद करें।

लोकोक्तियाँ

Lokoktiyan — लोक-प्रचलित सूक्तियाँ

📖 परिभाषा

जो सूक्तियाँ लोक-जीवन में प्रचलित होती हैं और कोई सामान्य सत्य या सीख प्रकट करती हैं, उन्हें लोकोक्तियाँ कहते हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

लोकोक्तिअर्थ
अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेतसमय बीतने पर पछताना व्यर्थ है
एक और एक ग्यारह होते हैंएकता में बल है
काला अक्षर भैंस बराबरनिरक्षर होना
नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अयोग्यता छिपाना
थोथा चना बाजे घनाकम ज्ञान वाला अधिक बोलता है

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘थोथा चना बाजे घना’ लोकोक्ति का अर्थ क्या है?

उत्तर: कम ज्ञान वाला अधिक बोलता है

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘एक और एक ग्यारह होते हैं’ का अर्थ बताइए।
  2. ‘नाच न जाने आँगन टेढ़ा’ का अर्थ लिखिए।
  3. ‘काला अक्षर भैंस बराबर’ का अर्थ क्या है?
उत्तर: 1. एकता में बल है | 2. अपनी अयोग्यता छिपाना | 3. निरक्षर होना

⭐ VVI POINTS

  • लोकोक्तियाँ सामान्य सत्य प्रकट करती हैं।
  • ये लोक-जीवन में प्रचलित होती हैं।
  • थोथा चना बाजे घना, नाच न जाने आँगन टेढ़ा अवश्य याद करें।

वाक्यांश के लिए एक शब्द

Ek Shabd — अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

📖 परिभाषा

जब अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग किया जाता है, तो उसे वाक्यांश के लिए एक शब्द कहते हैं।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

वाक्यांशएक शब्द
जो बहुत बोलता हैवाचाल
जिसका कोई शत्रु न होअजातशत्रु
जो सब कुछ जानता हैसर्वज्ञ
जो कुछ नहीं जानताअज्ञ
जो दूर की सोचता हैदूरदर्शी
जो सबको समान देखेसमदर्शी
जो नष्ट न हो सकेअविनाशी
जो सदा सत्य बोलेसत्यवादी

🗓️ BSEB PYQ — 2023

प्रश्न: ‘जो बहुत बोलता है’ के लिए एक शब्द क्या है?

उत्तर: वाचाल

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘जिसका कोई शत्रु न हो’ के लिए एक शब्द लिखिए।
  2. ‘जो सब कुछ जानता है’ के लिए एक शब्द बताइए।
  3. ‘जो दूर की सोचता है’ के लिए एक शब्द क्या है?
उत्तर: 1. अजातशत्रु | 2. सर्वज्ञ | 3. दूरदर्शी

⭐ VVI POINTS

  • अनेक शब्दों के लिए एक शब्द का प्रयोग करें।
  • वाचाल, अजातशत्रु, सर्वज्ञ, दूरदर्शी अवश्य याद करें।

लिंग

Ling — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग

📖 परिभाषा

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसके पुरुष या स्त्री जाति का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं।

📏 लिंग के प्रकार

  • पुल्लिंग: जो शब्द पुरुष जाति का बोध कराए। (जैसे: लड़का, राजा)
  • स्त्रीलिंग: जो शब्द स्त्री जाति का बोध कराए। (जैसे: लड़की, रानी)

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
लड़कालड़की
राजारानी
पितामाता
भाईबहन
नरनारी
देवदेवी
शिक्षकशिक्षिका
कविकवयित्री

🗓️ BSEB PYQ — 2024

प्रश्न: ‘ईमान’ शब्द कौन लिंग है?

उत्तर: पुल्लिंग

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘शिक्षिका’ कौन लिंग है?
  2. ‘भाई’ का स्त्रीलिंग रूप लिखिए।
  3. ‘नर’ का स्त्रीलिंग बताइए।
उत्तर: 1. स्त्रीलिंग | 2. बहन | 3. नारी

⭐ VVI POINTS

  • लिंग दो प्रकार के होते हैं — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग।
  • ‘आ’, ‘ई’, ‘इया’, ‘आनी’, ‘इका’ प्रत्यय स्त्रीलिंग बनाते हैं।

वचन

Vachan — एकवचन और बहुवचन

📖 परिभाषा

संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध होता है, उसे वचन कहते हैं।

📏 वचन के प्रकार

  • एकवचन: एक वस्तु या व्यक्ति का बोध। (जैसे: लड़का, पुस्तक)
  • बहुवचन: एक से अधिक वस्तुओं या व्यक्तियों का बोध। (जैसे: लड़के, पुस्तकें)

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

एकवचनबहुवचन
लड़कालड़के
पुस्तकपुस्तकें
नदीनदियाँ
मातामाताएँ
चिड़ियाचिड़ियाँ

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘पुस्तक’ का बहुवचन क्या है?

उत्तर: पुस्तकें

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘नदी’ का बहुवचन लिखिए।
  2. ‘चिड़िया’ का बहुवचन बताइए।
  3. ‘माता’ का बहुवचन क्या है?
उत्तर: 1. नदियाँ | 2. चिड़ियाँ | 3. माताएँ

⭐ VVI POINTS

  • वचन दो प्रकार के होते हैं — एकवचन और बहुवचन।
  • ‘ए’, ‘ें’, ‘याँ’, ‘एँ’ प्रत्यय बहुवचन बनाते हैं।

कारक

Karak — संज्ञा/सर्वनाम का क्रिया से संबंध

📖 परिभाषा

संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ जो संबंध होता है, उसे कारक कहते हैं।

📏 कारक के प्रकार

  • कर्ता (ने): क्रिया करने वाला — राम ने खाया।
  • कर्म (को): क्रिया का फल — राम ने आम को खाया।
  • करण (से): साधन — राम ने चाकू से काटा।
  • संप्रदान (को/के लिए): जिसके लिए — राम ने भिखारी को दान दिया।
  • अपादान (से): अलग होना — पेड़ से पत्ता गिरा।
  • संबंध (का/की/के): संबंध — राम की पुस्तक।
  • अधिकरण (में/पर): स्थान/समय — राम घर में है।
  • संबोधन (हे/अरे): पुकारना — हे राम!

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • राम ने रावण को मारा। (कर्ता — राम ने)
  • मोहन ने पत्र लिखा। (कर्म — पत्र)
  • वह कलम से लिखता है। (करण — कलम से)
  • माँ ने बच्चे के लिए खिलौना लाया। (संप्रदान — बच्चे के लिए)
  • पेड़ से फल गिरा। (अपादान — पेड़ से)
  • यह राम की किताब है। (संबंध — राम की)
  • वह मेज पर रखा है। (अधिकरण — मेज पर)

🗓️ BSEB PYQ — 2023

प्रश्न: ‘हिमालय से गंगा निकलती है’ — किस कारक का उदाहरण है?

उत्तर: अपादान कारक

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘राम ने आम खाया’ में कर्ता कारक कौन है?
  2. ‘वह चाकू से काटता है’ में कौन-सा कारक है?
  3. ‘यह राम की पुस्तक है’ में कौन-सा कारक है?
उत्तर: 1. राम ने | 2. करण कारक | 3. संबंध कारक

⭐ VVI POINTS

  • कारक के 8 प्रकार होते हैं।
  • कारक चिह्न — ने, को, से, के लिए, का/की/के, में/पर, हे/अरे।

काल

Kaal — क्रिया के समय का बोध

📖 परिभाषा

क्रिया के जिस रूप से कार्य के समय का बोध होता है, उसे काल कहते हैं।

📏 काल के प्रकार

  • वर्तमान काल: कार्य अभी हो रहा है। (जैसे: राम पढ़ता है।)
  • भूतकाल: कार्य पहले हो चुका है। (जैसे: राम पढ़ता था।)
  • भविष्यत् काल: कार्य आगे होगा। (जैसे: राम पढ़ेगा।)

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

कालउदाहरण
वर्तमानवह खेलता है।
भूतकालवह खेलता था।
भविष्यत्वह खेलेगा।
संदिग्ध भूतप्रशांत विद्यालय गया होगा।

🗓️ BSEB PYQ — 2024

प्रश्न: ‘प्रशांत विद्यालय गया होगा’ — यह वाक्य किस काल से संबंधित है?

उत्तर: संदिग्ध भूतकाल

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘वह पढ़ता है’ कौन-सा काल है?
  2. ‘वह पढ़ता था’ कौन-सा काल है?
  3. ‘वह पढ़ेगा’ कौन-सा काल है?
उत्तर: 1. वर्तमान काल | 2. भूतकाल | 3. भविष्यत् काल

⭐ VVI POINTS

  • काल तीन प्रकार के होते हैं — वर्तमान, भूत, भविष्यत्।
  • संदिग्ध भूतकाल में ‘होगा’ का प्रयोग होता है।

वाच्य

Vachya — क्रिया के प्रयोग का ढंग

📖 परिभाषा

क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि कर्ता, कर्म और क्रिया में कौन प्रधान है, उसे वाच्य कहते हैं।

📏 वाच्य के प्रकार

  • कर्तृवाच्य: कर्ता प्रधान — राम पत्र लिखता है।
  • कर्मवाच्य: कर्म प्रधान — राम द्वारा पत्र लिखा जाता है।
  • भाववाच्य: भाव प्रधान — राम से लिखा नहीं जाता।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

कर्तृवाच्यकर्मवाच्य
मोहन पत्र लिखता है।मोहन द्वारा पत्र लिखा जाता है।
बच्चे खेलते हैं।बच्चों द्वारा खेला जाता है।
वह पुस्तक पढ़ता है।उसके द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘मोहन द्वारा पत्र लिखा जाता है’ — कौन-सा वाच्य है?

उत्तर: कर्मवाच्य

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘राम पत्र लिखता है’ — कौन-सा वाच्य है?
  2. ‘बच्चों द्वारा खेला जाता है’ — कौन-सा वाच्य है?
  3. ‘राम से लिखा नहीं जाता’ — कौन-सा वाच्य है?
उत्तर: 1. कर्तृवाच्य | 2. कर्मवाच्य | 3. भाववाच्य

⭐ VVI POINTS

  • वाच्य तीन प्रकार के होते हैं।
  • कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान होता है।
  • कर्मवाच्य में ‘द्वारा’ और ‘जाता है’ का प्रयोग होता है।

संज्ञा

Sangya — नाम बताने वाले शब्द

📖 परिभाषा

जो शब्द किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, भाव या जाति का नाम बताए, उसे संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण: राम, दिल्ली, पुस्तक, प्रेम

📏 संज्ञा के प्रकार

  • व्यक्तिवाचक: विशेष व्यक्ति/स्थान — राम, दिल्ली
  • जातिवाचक: पूरी जाति — नदी, शहर, लड़का
  • भाववाचक: भाव/गुण — प्रेम, क्रोध, सुंदरता
  • समूहवाचक: समूह — सेना, भीड़, सभा
  • द्रव्यवाचक: पदार्थ — सोना, पानी, लोहा

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • व्यक्तिवाचक: राम, सीता, दिल्ली, गंगा
  • जातिवाचक: नदी, शहर, लड़का, पुस्तक
  • भाववाचक: प्रेम, क्रोध, सुंदरता, बचपन
  • समूहवाचक: सेना, भीड़, सभा, वन
  • द्रव्यवाचक: सोना, पानी, लोहा, तेल

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘सुंदरता’ कौन-सी संज्ञा है?

उत्तर: भाववाचक संज्ञा

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘राम’ कौन-सी संज्ञा है?
  2. ‘नदी’ कौन-सी संज्ञा है?
  3. ‘भीड़’ कौन-सी संज्ञा है?
उत्तर: 1. व्यक्तिवाचक | 2. जातिवाचक | 3. समूहवाचक

⭐ VVI POINTS

  • संज्ञा के 5 प्रकार होते हैं।
  • व्यक्तिवाचक विशेष नाम बताती है।
  • भाववाचक भाव/गुण बताती है।

सर्वनाम

Sarvnam — संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द

📖 परिभाषा

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।

उदाहरण: मैं, तुम, वह, यह, हम, आप

📏 सर्वनाम के प्रकार

  • पुरुषवाचक: मैं, हम, तुम, वह
  • निजवाचक: स्वयं, खुद, अपना
  • संबंधवाचक: जो, सो, जिसका
  • प्रश्नवाचक: कौन, क्या, कहाँ
  • अनिश्चयवाचक: कोई, कुछ
  • निश्चयवाचक: यह, वह

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • पुरुषवाचक: मैं, हम, तुम, आप, वह
  • निजवाचक: स्वयं, खुद, अपना
  • संबंधवाचक: जो, सो, जिसका
  • प्रश्नवाचक: कौन, क्या, कहाँ
  • अनिश्चयवाचक: कोई, कुछ
  • निश्चयवाचक: यह, वह

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘स्वयं’ कौन-सा सर्वनाम है?

उत्तर: निजवाचक सर्वनाम

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘मैं’ कौन-सा सर्वनाम है?
  2. ‘जो’ कौन-सा सर्वनाम है?
  3. ‘कोई’ कौन-सा सर्वनाम है?
उत्तर: 1. पुरुषवाचक | 2. संबंधवाचक | 3. अनिश्चयवाचक

⭐ VVI POINTS

  • सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आते हैं।
  • सर्वनाम के 6 प्रकार होते हैं।

विशेषण

Visheshan — संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द

📖 परिभाषा

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।

उदाहरण: सुंदर लड़की, बड़ा घर, लाल फूल

📏 विशेषण के प्रकार

  • गुणवाचक: सुंदर, बड़ा, लाल, मीठा
  • संख्यावाचक: दो, तीन, कुछ, बहुत
  • परिमाणवाचक: थोड़ा, अधिक, कम
  • सार्वनामिक: यह, वह, मेरा, तुम्हारा

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • गुणवाचक: सुंदर, बड़ा, लाल, मीठा
  • संख्यावाचक: दो, तीन, कुछ, बहुत
  • परिमाणवाचक: थोड़ा, अधिक, कम
  • सार्वनामिक: यह, वह, मेरा, तुम्हारा

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘सुंदर’ कौन-सा विशेषण है?

उत्तर: गुणवाचक विशेषण

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘दो’ कौन-सा विशेषण है?
  2. ‘थोड़ा’ कौन-सा विशेषण है?
  3. ‘मेरा’ कौन-सा विशेषण है?
उत्तर: 1. संख्यावाचक | 2. परिमाणवाचक | 3. सार्वनामिक

⭐ VVI POINTS

  • विशेषण संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताते हैं।
  • विशेषण के 4 प्रकार होते हैं।

क्रिया

Kriya — कार्य या अवस्था को दर्शाने वाले शब्द

📖 परिभाषा

जो शब्द किसी कार्य के होने या करने का बोध कराते हैं, उन्हें क्रिया कहते हैं।

उदाहरण: पढ़ना, लिखना, खाना, सोना

📏 क्रिया के प्रकार

  • सकर्मक: जिसमें कर्म हो — राम पत्र लिखता है।
  • अकर्मक: जिसमें कर्म न हो — राम सोता है।
  • सहायक: होना, करना, पड़ना
  • प्रेरणार्थक: कराना, लिखवाना

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • सकर्मक: राम पत्र लिखता है। (कर्म — पत्र)
  • अकर्मक: राम सोता है। (कोई कर्म नहीं)
  • सहायक: वह जाता है। (है — सहायक क्रिया)
  • प्रेरणार्थक: माँ बच्चे से पढ़वाती है।

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘राम पत्र लिखता है’ — कौन-सी क्रिया है?

उत्तर: सकर्मक क्रिया

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘वह सोता है’ — कौन-सी क्रिया है?
  2. ‘माँ बच्चे से पढ़वाती है’ — कौन-सी क्रिया है?
  3. ‘है’ कौन-सी क्रिया है?
उत्तर: 1. अकर्मक | 2. प्रेरणार्थक | 3. सहायक क्रिया

⭐ VVI POINTS

  • क्रिया कार्य का बोध कराती है।
  • सकर्मक में कर्म होता है, अकर्मक में नहीं।
  • सहायक क्रिया मुख्य क्रिया के साथ आती है।

अव्यय

Avyay — अपरिवर्तनशील शब्द

📖 परिभाषा

जो शब्द लिंग, वचन, कारक आदि के आधार पर नहीं बदलते, उन्हें अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं।

📏 अव्यय के प्रकार

  • क्रिया-विशेषण: धीरे, जल्दी, अच्छा
  • संबंधबोधक: के साथ, के बिना, के लिए
  • समुच्चयबोधक: और, पर, या
  • विस्मयादिबोधक: अरे!, वाह!, ओह!

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • क्रिया-विशेषण: धीरे, जल्दी, अच्छा
  • संबंधबोधक: के साथ, के बिना, के लिए
  • समुच्चयबोधक: और, पर, या
  • विस्मयादिबोधक: अरे!, वाह!, ओह!

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘और’ कौन-सा अव्यय है?

उत्तर: समुच्चयबोधक अव्यय

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘धीरे’ कौन-सा अव्यय है?
  2. ‘के लिए’ कौन-सा अव्यय है?
  3. ‘वाह!’ कौन-सा अव्यय है?
उत्तर: 1. क्रिया-विशेषण | 2. संबंधबोधक | 3. विस्मयादिबोधक

⭐ VVI POINTS

  • अव्यय शब्द कभी नहीं बदलते।
  • अव्यय के 4 प्रकार होते हैं।

वाक्य के भेद

Vakya Bhed — अर्थ के आधार पर वाक्यों के प्रकार

📖 परिभाषा

अर्थ के आधार पर वाक्यों को आठ भागों में बाँटा जाता है।

📏 वाक्य के प्रकार

  • विधानवाचक: सामान्य कथन — राम पढ़ता है।
  • निषेधवाचक: निषेध — राम नहीं पढ़ता।
  • प्रश्नवाचक: प्रश्न — क्या राम पढ़ता है?
  • आज्ञावाचक: आदेश — तुम पढ़ो।
  • विस्मयादिबोधक: आश्चर्य — वाह! क्या सुंदर है।
  • इच्छावाचक: इच्छा — ईश्वर तुम्हें सुखी रखे।
  • संकेतवाचक: शर्त — यदि तुम पढ़ोगे तो पास होगे।
  • संदेहवाचक: संदेह — शायद वह आए।

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • विधानवाचक: वह खेलता है।
  • निषेधवाचक: वह नहीं खेलता।
  • प्रश्नवाचक: क्या वह खेलता है?
  • आज्ञावाचक: तुम खेलो।
  • विस्मयादिबोधक: अहा! क्या खेल है।
  • इच्छावाचक: ईश्वर तुम्हें सफल करे।

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘वह खेलता है’ — कौन-सा वाक्य है?

उत्तर: विधानवाचक वाक्य

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘क्या वह खेलता है?’ — कौन-सा वाक्य है?
  2. ‘तुम खेलो’ — कौन-सा वाक्य है?
  3. ‘अहा! क्या खेल है’ — कौन-सा वाक्य है?
उत्तर: 1. प्रश्नवाचक | 2. आज्ञावाचक | 3. विस्मयादिबोधक

⭐ VVI POINTS

  • वाक्य के 8 भेद होते हैं।
  • प्रश्नवाचक में ‘क्या’ और प्रश्नचिह्न होता है।
  • आज्ञावाचक में आदेश का भाव होता है।

विराम-चिह्न

Viram Chinh — वाक्य में रुकने के चिह्न

📖 परिभाषा

वाक्य लिखते समय भाव और अर्थ के अनुसार रुकने या ठहरने के स्थान को दर्शाने वाले चिह्नों को विराम-चिह्न कहते हैं।

📏 प्रमुख विराम-चिह्न

  • पूर्ण विराम (।): वाक्य के अंत में
  • अल्प विराम (,): थोड़ी देर रुकने पर
  • अर्ध विराम (;): अधिक देर रुकने पर
  • प्रश्नवाचक (?): प्रश्न के अंत में
  • विस्मयादिबोधक (!): आश्चर्य, हर्ष, शोक में
  • योजक (-): दो शब्दों को जोड़ने में
  • उद्धरण (” “): किसी के कथन में

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • राम, श्याम और मोहन स्कूल गए। (अल्प विराम)
  • क्या तुम पढ़ोगे? (प्रश्नवाचक)
  • वाह! क्या सुंदर दृश्य है। (विस्मयादिबोधक)
  • उसने कहा, “मैं आऊँगा।” (उद्धरण)

🆕 Practice Question

प्रश्न: प्रश्न के अंत में कौन-सा चिह्न लगता है?

उत्तर: प्रश्नवाचक चिह्न (?)

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘वाह! क्या सुंदर है’ में कौन-सा विराम-चिह्न है?
  2. ‘राम, श्याम और मोहन’ में कौन-सा विराम-चिह्न है?
  3. वाक्य के अंत में कौन-सा चिह्न लगता है?
उत्तर: 1. विस्मयादिबोधक | 2. अल्प विराम | 3. पूर्ण विराम (।)

⭐ VVI POINTS

  • पूर्ण विराम (।) वाक्य के अंत में लगता है।
  • प्रश्नवाचक (?) प्रश्न के अंत में लगता है।
  • विस्मयादिबोधक (!) आश्चर्य, हर्ष, शोक में लगता है।

अलंकार

Alankar — काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व

📖 परिभाषा

जो तत्व काव्य की शोभा बढ़ाते हैं, उन्हें अलंकार कहते हैं।

📏 अलंकार के प्रकार

  • शब्दालंकार: अनुप्रास, यमक, श्लेष
  • अर्थालंकार: उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, संदेह

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

अलंकारपरिभाषाउदाहरण
अनुप्रासएक वर्ण की आवृत्तिचंचल चितवन चित्त चोर
उपमादो वस्तुओं की तुलनामुख चंद्र के समान
रूपकअभेद आरोपचरण कमल
यमकएक शब्द की आवृत्ति भिन्न अर्थ मेंकनक कनक ते सौ गुनी
श्लेषएक शब्द के अनेक अर्थरहिमन पानी राखिए

🆕 Practice Question

प्रश्न: ‘मुख चंद्र के समान’ में कौन-सा अलंकार है?

उत्तर: उपमा अलंकार

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. ‘चरण कमल’ में कौन-सा अलंकार है?
  2. ‘चंचल चितवन चित्त चोर’ में कौन-सा अलंकार है?
  3. ‘कनक कनक ते सौ गुनी’ में कौन-सा अलंकार है?
उत्तर: 1. रूपक | 2. अनुप्रास | 3. यमक

⭐ VVI POINTS

  • शब्दालंकार में शब्दों की आवृत्ति होती है।
  • अर्थालंकार में अर्थ की चमत्कारिकता होती है।
  • उपमा में ‘समान’, ‘सा’, ‘जैसा’ आदि शब्द आते हैं।

रस

Ras — काव्य का आनंद

📖 परिभाषा

काव्य को पढ़ने या सुनने से जो आनंद उत्पन्न होता है, उसे रस कहते हैं।

📏 नव रस

  • श्रृंगार रस: प्रेम — स्थायी भाव: रति
  • हास्य रस: हँसी — स्थायी भाव: हास
  • करुण रस: दया — स्थायी भाव: शोक
  • वीर रस: वीरता — स्थायी भाव: उत्साह
  • रौद्र रस: क्रोध — स्थायी भाव: क्रोध
  • भयानक रस: डर — स्थायी भाव: भय
  • वीभत्स रस: घृणा — स्थायी भाव: जुगुप्सा
  • अद्भुत रस: आश्चर्य — स्थायी भाव: विस्मय
  • शांत रस: शांति — स्थायी भाव: निर्वेद

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

  • श्रृंगार: दो प्रेमियों का मिलन
  • वीर: युद्ध में वीरता का वर्णन
  • करुण: किसी की मृत्यु पर शोक
  • हास्य: हँसी उत्पन्न करने वाली घटना
  • अद्भुत: अद्भुत दृश्य का वर्णन

🆕 Practice Question

प्रश्न: वीर रस का स्थायी भाव क्या है?

उत्तर: उत्साह

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. श्रृंगार रस का स्थायी भाव क्या है?
  2. करुण रस का स्थायी भाव बताइए।
  3. हास्य रस का स्थायी भाव क्या है?
उत्तर: 1. रति | 2. शोक | 3. हास

⭐ VVI POINTS

  • रस के 9 प्रकार होते हैं।
  • श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति है।
  • वीर रस का स्थायी भाव उत्साह है।
  • करुण रस का स्थायी भाव शोक है।

छंद

Chhand — काव्य की लय और ताल

📖 परिभाषा

अक्षरों की संख्या, लय और गति के नियमित रूप को छंद कहते हैं।

📏 छंद के प्रकार

  • मात्रिक छंद: मात्राओं की गणना — दोहा, चौपाई
  • वर्णिक छंद: वर्णों की गणना — सवैया, कवित्त

✏️ महत्वपूर्ण उदाहरण

छंदपरिभाषाउदाहरण
दोहा24 मात्राएँरहिमन पानी राखिए
चौपाई16 मात्राएँजय रघुनंदन जय जय राम
सोरठा24 मात्राएँजल में कुंभ
कवित्त31 वर्णकवित्त छंद

🆕 Practice Question

प्रश्न: दोहा छंद में कितनी मात्राएँ होती हैं?

उत्तर: 24 मात्राएँ

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. चौपाई छंद में कितनी मात्राएँ होती हैं?
  2. दोहा छंद किस प्रकार का छंद है?
  3. सोरठा छंद में कितनी मात्राएँ होती हैं?
उत्तर: 1. 16 मात्राएँ | 2. मात्रिक छंद | 3. 24 मात्राएँ

⭐ VVI POINTS

  • दोहा में 24 मात्राएँ होती हैं।
  • चौपाई में 16 मात्राएँ होती हैं।
  • सोरठा में 24 मात्राएँ होती हैं।
  • कवित्त वर्णिक छंद है।

🔥 BSEB CLASS 12 HINDI GRAMMAR — QUICK REVISION

परीक्षा से पहले तेजी से दोहराएँ

📌 Important Rules

  • दीर्घ संधि: अ/आ + अ/आ = आ; इ/ई + इ/ई = ई; उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
  • गुण संधि: अ/आ + इ/ई = ए; अ/आ + उ/ऊ = ओ
  • तत्पुरुष: उत्तर पद प्रधान; कर्मधारय: विशेषण-विशेष्य; द्विगु: संख्यावाची पहला पद
  • द्वंद्व: दोनों पद प्रधान; बहुव्रीहि: तीसरा अर्थ; अव्ययीभाव: पहला पद अव्यय
  • उपसर्ग शब्द के आरंभ में, प्रत्यय शब्द के अंत में लगते हैं।

📌 Important Examples

  • संधि: विद्यालय = विद्या + आलय; सज्जन = सत् + जन
  • समास: राजपुत्र = राजा का पुत्र; नीलकमल = नीला कमल
  • तत्सम-तद्भव: अग्नि-आग, हस्त-हाथ, दुग्ध-दूध
  • शब्द-शुद्धि: आशीर्वाद, ऐतिहासिक, अनुगृहीत

📌 Commonly Confused Words

  • अनिल (हवा) — अनल (आग)
  • चतुर (चालाक) — चतुर्थ (चौथा)
  • भवन (घर) — भुवन (संसार)
  • कंगाल (निर्धन) — कंकाल (ठठरी)

📌 Important मुहावरे

  • गर्दन पर सवार होना = पीछा न छोड़ना
  • नौ दो ग्यारह होना = डर कर भाग जाना
  • आँख का तारा = बहुत प्यारा
  • दाँत खट्टे करना = हरा देना

📌 Important विलोम

  • सुख — दुःख
  • जीवन — मरण
  • हार — जीत
  • आदर — अनादर
  • उचित — अनुचित

📌 Important पर्यायवाची

  • पृथ्वी — धरती, भूमि, वसुधा
  • सूर्य — रवि, भानु, दिनकर
  • चंद्रमा — शशि, राकेश, निशाकर
  • नदी — सरिता, तटिनी, तरंगिणी

⭐ HIGH-FREQUENCY EXAM POINTS

  • संधि-विच्छेद, समास-विग्रह, उपसर्ग-प्रत्यय अवश्य याद करें।
  • मुहावरे, लोकोक्तियाँ, पर्यायवाची, विलोम से प्रश्न आते हैं।
  • अलंकार, रस, छंद के प्रश्न निश्चित हैं।
  • शब्द-शुद्धि, वाक्य-शुद्धि, वर्तनी-शुद्धि के अभ्यास करें।
  • कारक, काल, वाच्य, लिंग, वचन के प्रश्न बार-बार आते हैं।

© APNI KAKSHA — BSEB Class 12 हिंदी व्याकरण सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री

Scroll to Top