समास (Samas) – पूरा पाठ आसान हिंदी में
अव्ययीभाव • तत्पुरुष • कर्मधारय • द्विगु • द्वंद्व • बहुव्रीहि
शून्य से शुरू — नियम, उदाहरण, विग्रह, ट्रिक्स और परीक्षा में आने वाले प्रश्न
1 समास क्या है? (बिल्कुल आसान भाषा में)
सीधे शब्दों में — दो शब्दों को जोड़कर एक नया शब्द बनाना ही समास है।
उदाहरण:
राजा + पुत्र = राजपुत्र नीला + कमल = नीलकमल माता + पिता = माता-पिता
समास से बने शब्द को तोड़कर उसके मूल शब्द और विभक्ति सहित रूप लिखना = समास-विग्रह।
जैसे: राजपुत्र → राजा का पुत्र
2 समास के नियम (आसान हिंदी में)
समास करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें:
- नियम 1: समास में विभक्ति (का, की, के, को, से, में) लुप्त हो जाती है।
- नियम 2: समास में पूर्व पद और उत्तर पद में से जो प्रधान होता है, उसी के अनुसार समास का नाम रखा जाता है।
- नियम 3: समास बनाने पर लिंग, वचन, कारक आदि का प्रयोग उत्तर पद के अनुसार होता है।
दूसरे शब्द को देखो — क्या वह प्रधान है?
इन्हीं के आधार पर समास का प्रकार तय होता है।
3 समास के मुख्य प्रकार
| प्रकार | पहचान | आसान उदाहरण |
|---|---|---|
| अव्ययीभाव | पहला पद अव्यय (उपसर्ग/निपात) | प्रतिदिन = प्रति + दिन |
| तत्पुरुष | उत्तर पद प्रधान, पूर्व पद विभक्ति लुप्त | राजपुत्र = राजा का पुत्र |
| कर्मधारय | विशेषण-विशेष्य (दोनों में विशेषण) | नीलकमल = नीला कमल |
| द्विगु | पहला पद संख्यावाची | त्रिलोक = तीन लोक |
| द्वंद्व | दोनों पद समान और स्वतंत्र | माता-पिता = माता और पिता |
| बहुव्रीहि | दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अर्थ की ओर संकेत करें | दशानन = दश आनन वाला (रावण) |
4 अव्ययीभाव समास
परिभाषा: जिस समास में पहला पद अव्यय हो (जैसे प्रति, अनु, यथा, आ, उप, नि, अधि, अप) और दूसरा पद संज्ञा हो, तथा समस्त पद अव्यय की तरह प्रयुक्त हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।
| समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|
| प्रतिदिन | प्रति + दिन (हर दिन) |
| यथाशक्ति | यथा + शक्ति (शक्ति के अनुसार) |
| आजीवन | आ + जीवन (जीवन भर) |
| अनुकूल | अनु + कूल (कूल के अनुसार) |
| उपकूल | उप + कूल (कूल के पास) |
5 तत्पुरुष समास
परिभाषा: जिस समास में उत्तर पद प्रधान हो और पूर्व पद में विभक्ति लुप्त हो, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
| समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|
| राजपुत्र | राजा का पुत्र |
| ग्रामवासी | ग्राम में वास करने वाला |
| धनहीन | धन से हीन |
| रसोईघर | रसोई के लिए घर |
| विद्यार्थी | विद्या के लिए अर्थी (इच्छुक) |
6 कर्मधारय समास
परिभाषा: जिस समास में पूर्व पद विशेषण और उत्तर पद विशेष्य हो, अर्थात् दोनों में विशेषण-विशेष्य का संबंध हो, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
| समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|
| नीलकमल | नीला कमल |
| महात्मा | महान् आत्मा |
| पुरुषोत्तम | पुरुषों में उत्तम |
| कृष्णसर्प | कृष्ण (काला) सर्प |
| देवदूत | देवता रूप दूत |
7 द्विगु समास
परिभाषा: जिस समास में पहला पद संख्यावाची हो, उसे द्विगु समास कहते हैं।
| समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|
| त्रिलोक | तीन लोक |
| चतुर्भुज | चार भुजाओं वाला |
| सप्ताह | सात दिनों का समूह |
| नवरात्रि | नौ रातों का समूह |
| दशानन | दश आनन वाला (रावण) |
8 द्वंद्व समास
परिभाषा: जिस समास में दोनों पद समान रूप से प्रधान हों और उन्हें “और” से जोड़ा जा सके, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
| समस्त पद | समास-विग्रह |
|---|---|
| माता-पिता | माता और पिता |
| राम-लक्ष्मण | राम और लक्ष्मण |
| सीता-राम | सीता और राम |
| दिन-रात | दिन और रात |
| अन्न-जल | अन्न और जल |
9 बहुव्रीहि समास
परिभाषा: जिस समास में दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अर्थ की ओर संकेत करें, अर्थात् कोई भी पद प्रधान न हो, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
| समस्त पद | समास-विग्रह | संकेत |
|---|---|---|
| दशानन | दश आनन वाला | रावण |
| चक्रधर | चक्र धारण करने वाला | विष्णु |
| नीलकंठ | नीला कंठ वाला | शिव |
| पीतांबर | पीत (पीले) अंबर वाला | कृष्ण |
| लंबोदर | लंबा उदर वाला | गणेश |
10 समास-विग्रह कैसे करें? (Step by Step)
- समस्त पद को ध्यान से पढ़ें और उसका अर्थ समझें।
- देखें कि इसमें कौन-से दो या दो से अधिक शब्द छिपे हैं।
- यदि विभक्ति लुप्त है, तो उसे उचित विभक्ति के साथ जोड़ें।
- यदि “और” आए तो द्वंद्व, “वाला” आए तो बहुव्रीहि, संख्या हो तो द्विगु, विशेषण-विशेष्य हो तो कर्मधारय, अव्यय पहले हो तो अव्ययीभाव, और विभक्ति लुप्त हो तो तत्पुरुष।
- अंत में जाँच करें — विग्रह से वही अर्थ निकल रहा है या नहीं।
हल किए हुए उदाहरण
| समस्त पद | समास-विग्रह | समास का प्रकार |
|---|---|---|
| राजपुत्र | राजा का पुत्र | तत्पुरुष |
| नीलकमल | नीला कमल | कर्मधारय |
| त्रिलोक | तीन लोक | द्विगु |
| माता-पिता | माता और पिता | द्वंद्व |
| दशानन | दश आनन वाला (रावण) | बहुव्रीहि |
| प्रतिदिन | प्रति + दिन (हर दिन) | अव्ययीभाव |
11 परीक्षा में बार-बार आने वाले Important Examples
| समस्त पद | समास-विग्रह | भेद |
|---|---|---|
| राजपुत्र | राजा का पुत्र | तत्पुरुष |
| ग्रामवासी | ग्राम में वास करने वाला | तत्पुरुष |
| धनहीन | धन से हीन | तत्पुरुष |
| नीलकमल | नीला कमल | कर्मधारय |
| महात्मा | महान् आत्मा | कर्मधारय |
| पुरुषोत्तम | पुरुषों में उत्तम | कर्मधारय |
| त्रिलोक | तीन लोक | द्विगु |
| चतुर्भुज | चार भुजाओं वाला | द्विगु |
| सप्ताह | सात दिनों का समूह | द्विगु |
| माता-पिता | माता और पिता | द्वंद्व |
| राम-लक्ष्मण | राम और लक्ष्मण | द्वंद्व |
| दिन-रात | दिन और रात | द्वंद्व |
| दशानन | दश आनन वाला (रावण) | बहुव्रीहि |
| चक्रधर | चक्र धारण करने वाला (विष्णु) | बहुव्रीहि |
| नीलकंठ | नीला कंठ वाला (शिव) | बहुव्रीहि |
| प्रतिदिन | प्रति + दिन (हर दिन) | अव्ययीभाव |
| यथाशक्ति | यथा + शक्ति (शक्ति के अनुसार) | अव्ययीभाव |
| आजीवन | आ + जीवन (जीवन भर) | अव्ययीभाव |
12 याद रखने की TRICKS / SHORTCUTS
13 Common Mistakes (जहाँ बच्चे गलती करते हैं)
सुधार: यदि विग्रह में “वाला” आए और वह किसी तीसरे व्यक्ति का बोध कराए → बहुव्रीहि; यदि केवल विशेषण-विशेष्य हो → कर्मधारय।
सुधार: द्विगु में पहला पद संख्या और उत्तर पद प्रधान होता है; बहुव्रीहि में दोनों पद मिलकर तीसरे अर्थ की ओर संकेत करते हैं।
सुधार: विग्रह करते समय उचित विभक्ति (का, की, के, से, में) अवश्य लगाएँ।
सुधार: अव्ययीभाव में पहला पद सदैव अव्यय (प्रति, अनु, यथा, आ, उप) होता है।
14 BSEB Exam-Oriented Practice (उत्तर देखें पर क्लिक करें)
1. राजपुत्र का समास-विग्रह कीजिए।
2. नीलकमल का समास-विग्रह कीजिए।
3. त्रिलोक का समास-विग्रह कीजिए।
4. माता-पिता का समास-विग्रह कीजिए।
5. दशानन का समास-विग्रह कीजिए।
6. प्रतिदिन का समास-विग्रह कीजिए।
7. महात्मा का समास-विग्रह कीजिए।
8. चतुर्भुज का समास-विग्रह कीजिए।
9. राम-लक्ष्मण का समास-विग्रह कीजिए।
10. चक्रधर का समास-विग्रह कीजिए।
11. यथाशक्ति का समास-विग्रह कीजिए।
12. धनहीन का समास-विग्रह कीजिए।
15 एक मिनट में Quick Revision
| समास का प्रकार | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| अव्ययीभाव | पहला पद अव्यय | प्रतिदिन |
| तत्पुरुष | विभक्ति लुप्त | राजपुत्र |
| कर्मधारय | विशेषण-विशेष्य | नीलकमल |
| द्विगु | पहला पद संख्यावाची | त्रिलोक |
| द्वंद्व | “और” आए | माता-पिता |
| बहुव्रीहि | “वाला” आए, तीसरा अर्थ | दशानन |
